सनातन धर्म में 'शैय्या दान' को महादान की श्रेणी में रखा गया है। गरुड़ पुराण और पद्म पुराण के अनुसार, यह दान मनुष्य के इस लोक और परलोक दोनों को सुधारने वाला माना जाता है।
👉 जो व्यक्ति रोगी है या शारीरिक कष्ट में है, उसके निमित्त शैय्या दान करने से स्वास्थ्य लाभ मिलता है। 👉 पितृ पक्ष या श्राद्ध के दौरान या पितृ की तिथि के दिन शैय्या दान करने से पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है और वे तृप्त होकर आशीर्वाद देते हैं।
आचार्य प्रदीपजी के मार्गदर्शन में आश्रमों में दान करने का सौभाग्य मिला।आचार्य प्रदीपजी के मार्गदर्शन में आश्रमों में दान करने का सौभाग्य मिला।इस लोक और परलोक दोनों को सुधारने वाला माना जाता है।
श्री राम प्रतिष्ठा महोत्सव लोधीका
५ मार्च २०२५ बुधवार का दिन
लोधिका राजकोट में गुरुजी के जन्म भूमि में भव्य और दिव्य श्री राम मंदिर, हनुमानजी मंदिर की प्रतिष्ठा...के सुंदर योजना उद्देश्य मार्गदर्शन देते हुए....
८ अगस्त २०२४ से १0 अगस्त २०२४
प्रवास और कार्य स्वयं के अस्तित्व को खो बैठते है जब वैदिक साधना के प्रभाव में आते है, प्रवास ...यात्रा बन जाता है और कार्य ... सिद्धि बन जाता है l
मायापुरी नगरी मुंबई में साधना , अनुष्ठान पूजा का अलौकिक और दिव्य आनंद की अनुभूति कराते हुए.....
जूनागढ़ के आश्रम में सैया दान करने का अवसर प्राप्त हुवाा
जब आप वैदिक ज्योतिष या वैदिक ज्योतिषी के विषय में विचार करते हैं, तो वह ऐसा व्यक्ति होता है जो वेदों या शास्त्रों में बताई गयी ज्योतिष की सभी विधियों और तकनीकों को भली भांति जानता है।
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