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धन प्राप्ति के उपाय के साथ धन संचय करने का सही No.1 तरीका और प्राप्त हुये धन को निरंतर वृद्धि का सही रास्ता

धन प्राप्ति के उपाय

धन प्राप्ति के उपाय करके धन की प्राप्ति करते है परंतु उस कमाए हुए धन को टीकाई रखना और निरंतर उसमें वृद्धि करना, यह सबसे महत्वपूर्ण बात है.

इस ब्लॉग के माध्यम से मैं आपको बताने जा रहा हूं धन प्राप्ति के उपाय मित्रो जो आप करके माता लक्ष्मी को प्रशंन्न कर सके और अखुट धन की प्राप्ति कर सके.

धन प्राप्ति के उपाय और लक्ष्मी को अपने पास स्थायी रूप से आप  टिकाये रखना चाहते है तो इस बात को अच्छे से समजने के लिए में आपको एक कथा से आपको अवगत करवाता हूँ और यह बात शास्त्र संमत भी है.

धन प्राप्ति के उपाय
धन प्राप्ति के उपाय

धन प्राप्ति के उपाय तथा माता लक्ष्मी को अपने ऊपर प्रशन्न रखने की कथा:

एक दिन माता लक्ष्मी देवराज इंद्र से कहती है. मैं स्वयं लक्ष्मी यहां पर निवास करना चाहती हूं. तो देवराज कहते है. मैंने कितनी ही बार आपको यहां लाने के अथग प्रयत्न किए परंतु माते आपने हमारी मिन्नतों का मान नहीं रखा परंतु आज बिना बुलाए आप शचीपति ( देव राज इंद्र का एक नाम जिसका मतलब शक्ति शाली ) के द्वार पर पधारे. तो देवी इसका क्या प्रयोजन समझा जाए ?.

तब माता लक्ष्मी कहते हुई, हे शतक्रतु ( देवराज इंद्र का एक नाम जिसका मतलब सौ प्रकार की शक्तियों को धारण करने वाला ) कुछ समय पहले जब दैत्यगण धर्म, कर्म, श्रम और कर्तव्य मैं मानने वाले थे तो में वहा हसी खुशी निवास कराती थी. लेकिन उनका आचरण समय के साथ नष्ट होने लगा और दैत्यगण में सभी प्रकार के सद्गुणों का स्थान दुर्गुणों ने ले लिया.

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तो ऐसे वातावरण में कभी वास नहीं करती. इसलिए है शक्र में देवी लक्ष्मी स्वयं तुम्हारे यहाँ आनंद पूर्वक निवास करना चाहती हूँ क्यूंकि यहाँ धर्म, कर्म, सद्भावना, प्रेम और सदाचार निवास करते है, में वही निवास करना चाहूंगी.

देवी लक्ष्मी ने कहा कोई भी मनुष्य आलश्य, असत्य आचरण, मेहनत एवं कार्य ना करना देवराज मैं उनके यहां कभी निवास नहीं करती.

 

जो जातक सत्पुरुषों का उपहास, निंदा और कटु वचन कहकर उनके मन को ठेस पहुंचाते हैं, जो गुरुजनों और अपने से बड़े लोगों का सम्मान नहीं करते. जो हमेशा अनाप-शनाप बोलते हैं. हर किसी पर चिल्लाते रहते हैं. ना तो वह स्वयं शांति से रहते हैं और ना तो दूसरे को रहने देते हैं. बिना वजह ही वाद विवाद करते हैं. समाज को लज्जित करने वाले शब्दों का प्रयोग करते हैं. बिना कार्य करें आनंद से श्रम विहित जीवन जीते हैं. 

धन प्राप्ति के उपाय
धन प्राप्ति के उपाय

 

आलस्य के साथ जीवन व्यतीत करते हैं. कोई कार्य नहीं करते और निरर्थक फ़िज़ूल के भोग विलाशिता में जीवन व्यतीत करते है और जिनके मन में राग, द्वेष, क्रोध इत्यादि दुर्गुण है वहां सिर्फ दरिद्रता ही निवास करती है.

जो परिश्रमी, कर्तव्य परायण, विचारवान, सदाचारी, संयमी, नियमित, उद्यमी, उद्योगी, धर्म परायण और अपने कर्तव्य और कार्य के प्रति जागरूक मैं स्वयं देवी लक्ष्मी वहां हंसी खुशी निवास करना पसंद करती हूं.

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Summary: धन प्राप्ति के उपाय करना याफिर धन को पाना यह कोई बड़ी बात नहीं है, परंतु वह धन कौन सा कार्य करके कमाया है.

यह बात सबसे ज़्यादा महत्वपूर्ण है. कमाए हुए धन को बनाये रखना और उसमे समय समय पर बढ़ोतरी करना बड़ा ही मुश्किल कार्य है, क्योंकि विष्णु प्रिया लक्ष्मीजी बहुत चंचल है. केवल धन प्राप्ति के उपाय कर ऐसे ही बैठे रहेंगे तो लक्ष्मी जी प्रशन्न नहीं होती “.

 

यह पूरा ब्लॉग भृगु संहिता, ज्योतिष शास्त्र एवं धर्म ग्रंथो पर आधारित है, तो भक्त जनो जीवन में कोई भी बड़ा निर्णय लेने से पहले जन्म कुंडली का विश्लेषण करवाएं, क्योंकि कुंडली में बन रहे, पाप ग्रहों की युति के चलते कभी कबार फल मिलने में दिक्कत या देरी हो सकती है, तो पाप ग्रहों की गोचर एवं प्रत्यंतर दशा आपके द्वारा कि गए मेहनत एवं प्रयत्नों में सफल नहीं होने देते, इसीलिए विश्लेषण अवश्य करवाएं।

 

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